Sunday, April 6, 2025
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BCCI सचिव- क्रिकेटर फैमिली साथ नहीं ले जा पाएंगे:विदेशी दौरों के लिए पॉलिसी बरकरार रहेगी; कोहली ने कहा था, संतुलन के लिए परिवार जरूरी

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विदेशी दौरों पर परिवार को साथ रखने की मांग को BCCI ने खारिज कर दिया है। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने क्रिकबज से कहा- मौजूदा पॉलिसी बरकरार रहेगी। यह देश और हमारी संस्था BCCI दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। 16 मार्च को विराट कोहली ने परिवार को साथ रखने की वकालत की थी। उन्होंने कहा, मुश्किल दौर से गुजर रहे प्लेयर्स के लिए परिवार वाले संतुलन लाते हैं। कोहली के बयान का पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने भी समर्थन किया था। BGT में हार के बाद BCCI ने नई पॉलिसी जारी की थी
ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) में हार के बाद, BCCI ने 10 नई SOP जारी की थी। इसमें विदेशी दौरों के दौरान परिवार के सदस्यों की उपस्थिति को काम समय के लिए शामिल किया गया था। फैमिली से जुड़े BCCI के नियम नियम सभी लोगों पर सामान रूप से लागू: सैकिया
बोर्ड सचिव सैकिया ने क्रिकबज से कहा, BCCI मानता है कि लोगों की अलग-अलग राय हो सकती है, क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। हमारी नीति सभी टीम सदस्यों – खिलाड़ियों, कोच, प्रबंधकों, सहायक कर्मचारियों और इसमें शामिल सभी लोगों पर समान रूप से लागू होती है। सभी के हितों को ध्यान में रखते हुए इसे लागू किया गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह नीति हाल ही में नहीं बनाई गई है और न ही इसे अचानक पेश किया गया है। यह नीति रातोंरात तैयार नहीं की गई है। यह दशकों से लागू है, हमारे अध्यक्ष रोजर बिन्नी के खेलने के दिनों से यह लागू की गई थी। नई नीति पिछली नीति का संशोधन है, जिसमें प्रैक्टिस मैच, मैच शेड्यूल, दौरे, सामान, टीम की आवाजाही और अन्य गतिविधियों में खिलाड़ियों की उपस्थिति के बारे में बताया गया है। इसका उद्देश्य टीम की एकजुटता और एकता है। मुश्किल दौर में परिवार के पास आना बेहतर- कोहली
IPL 2025 से पहले RCB इनोवेशन लैब इंडियन स्पोर्ट्स समिट के दौरान कठिन दौरों पर कोहली से परिवार की भूमिका के बारे में जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘लोगों को यह समझाना बहुत मुश्किल है कि हर बार जब आपके साथ बाहर कुछ बहुत मुश्किल हो रहा होता है, तो अपने परिवार के पास वापस आना कितना अच्छा होता है।’ उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि लोग ये समझ पाते हैं कि बड़े पैमाने पर इसकी कीमत क्या है। ये बात मुझे काफी निराश करती है कि जिन लोगों का हालात पर कोई काबू नहीं है, उन्हें जबरदस्ती बातचीत में घसीटा जाता है और कहा जाता है कि इन्हें दूर रखा जाना चाहिए। हर किसी को परिवार की जरूरत: कपिल देव
दिल्ली में कपिल देव ने ग्रांट थॉर्नटन इनविटेशनल कार्यक्रम में कहा- हर किसी को परिवार की जरूरत होती है, खिलाड़ी खुद परिवार और टीम में संतुलन बनाएं। भारत को 1983 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान ने कहा- ठीक है, मुझे नहीं पता, यह निजी मामला है। मुझे लगता है कि यह क्रिकेट बोर्ड का फैसला है। मेरे विचार में आपको परिवार की जरूरत है, लेकिन आपको हर समय टीम के साथ रहने की भी जरूरत है। हमारे जमाने में क्रिकेट बोर्ड नहीं, बल्कि हम खुद ही तय करते थे कि दौरे का पहला चरण क्रिकेट को समर्पित रहे। जबकि दूसरे चरण में परिवार के साथ रहने का आनंद लेना चाहिए। इसमें संतुलन होना चाहिए। इससे पहले रविवार को विराट कोहली ने विदेश दौरे में परिवार को साथ रखने का समर्थन किया था। रोहित ने उठाया था फैमिली साथ रखने का मुद्दा
चैंपियंस ट्रॉफी की टीम अनाउंस होते वक्त रोहित शर्मा चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर से कहते सुने गए थे कि BCCI के नए नियमों के लिए मुझे चीफ सेक्रेटरी से बातचीत करनी होगी। रोहित ने कहा था कि इस मसले को लेकर सभी खिलाड़ी परेशान हैं और उन्हें लगातार फोन कर रहे हैं। BCCI की गाइडलाइन के 10 पॉइंट्स… 1.फैमिली के साथ ट्रैवल नहीं कर सकेंगे
प्लेयर्स पूरे टूर के दौरान परिवार और पत्नियों के साथ सफर नहीं कर सकेंगे। खासतौर पर विदेशी दौरों पर यह नियम ज्यादा काम करेगा, ताकि खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस पर असर न पड़े। 45 दिन से कम के टूर के लिए परिवार और पत्नियां 7 दिन साथ रह सकेंगी। यदि किसी प्लेयर को फैमिली के साथ या अलग से यात्रा करनी है, तो हेड कोच और सिलेक्शन कमेटी के चेयरमैन से अनुमति लेनी होगी। 2. घरेलू क्रिकेट खेलना जरूरी होगा
भारतीय टीम के खिलाड़ियों का डोमेस्टिक टूर्नामेंट में खेलना अनिवार्य कर दिया गया है। इतना ही नहीं, टीम के चयन में डोमेस्टिक टूर्नामेंट के प्रदर्शन को आधार माना जाएगा। यदि कोई खिलाड़ी किसी कारण से डोमेस्टिक क्रिकेट नहीं खेलता है, तो इसकी जानकारी बोर्ड को देनी होगी। साथ ही सिलेक्शन कमेटी के चेयरमैन से अनुमति लेनी होगी। 3. ज्यादा सामान नहीं ले जा सकेंगे
टूर में खिलाड़ी ज्यादा सामान नहीं ले जा सकेंगे। अगर खिलाड़ी के सामान का वजन ज्यादा है, तो इसके लिए खुद ही पैसे देने होंगे। बोर्ड ने वजन और सामान की भी अलग से गाइडलाइन्स जारी की हैं। लगेज पॉलिसी… 4. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अलग से सामान भेजना होगा
सभी खिलाड़ियों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बेंगलुरु में ट्रेनिंग कैप के दौरान सामान या व्यक्तिगत चीजें भेजने के लिए टीम मैनेजमेंट से संपर्क करना होगा। यदि अलग-अलग तरीके से कोई वस्तु भेजी जाती है, तब आने वाली एक्स्ट्रा लागत खिलाड़ी को उठानी होगी। 5. किसी दौरे या सीरीज में निजी स्टाफ नहीं होगा
किसी भी सीरीज या दौरे में खिलाड़ी का निजी स्टाफ (जैसे- पर्सनल मैनेजर, शेफ, असिस्टेंट्स और सिक्योरिटी) नहीं जाएगा। जब तक कि इसके लिए बोर्ड से अनुमति न मिल जाए। 6. प्रैक्टिस सेशन में मौजूद रहना अनिवार्य
अब हर एक खिलाड़ी को प्रैक्टिस सेशन में मौजूद रहना ही होगा। कोई भी प्रैक्टिस सेशन को जल्दी छोड़कर नहीं जाएगा। सीरीज या टूर्नामेंट के दौरान एक वेन्यू से दूसरे वेन्यू पर टीम के साथ बस में ही जाना होगा। बोर्ड ने खिलाड़ियों के बीच बॉन्डिंग के लिए यह नियम बनाया है। 7. कोई भी खिलाड़ी विज्ञापन नहीं कर पाएगा
किसी भी खिलाड़ी को सीरीज और टूर में पर्सनल शूट की इजाजत नहीं होगी। इस दौरान कोई भी खिलाड़ी विज्ञापन नहीं कर सकेगा। बोर्ड ने यह फैसला इसलिए लिया है, ताकि खिलाड़ियों का ध्यान न भटके। 8. विदेशी दौरे पर फैमिली को ज्यादा समय नहीं
विदेशी दौरे पर अगर कोई खिलाड़ी 45 दिनों तक रहता है, तो उनकी पत्नी और 18 साल से छोटी उम्र का बच्चा एक सीरीज में 2 हफ्ते के लिए उनके साथ रह सकते हैं। इस दौरान BCCI ही उनके रहने का खर्च उठाएगी, लेकिन बाकी सारा खर्च खिलाड़ी को उठाना होगा। दूसरी ओर कोच और कप्तान के साथ बातचीत के बाद ही कोई भी (परिजन या अन्य कोई) एक फाइनल तारीख को खिलाड़ी के पास आ सकता है। वहीं इस दौरान अगर कोई खिलाड़ी नियम तोड़ता है तो कोच, कप्तान और जीएम ऑपरेशन इसके जिम्मेदार होंगे। समय-सीमा खत्म होने के बाद का खर्च खिलाड़ी खुद उठाएगा। 9. ऑफिशियल शूट और फंक्शन में हिस्सा लेना होगा
BCCI के ऑफिशियल शूट, प्रमोशन और अन्य किसी प्रोग्राम में हर खिलाड़ी को हिस्सा लेना होगा। यह फैसला खेल को बढ़ावा और हितधारकों के फायदे के लिए लिया गया है। 10. सीरीज खत्म होने पर खिलाड़ी घर जल्दी नहीं आ सकेंगे
हर खिलाड़ी को दौरे के खत्म होने तक टीम के साथ रहना होगा। सीरीज जल्दी खत्म होने पर भी खिलाड़ी को टीम के साथ रहना होगा। हर एक प्लेयर टीम के साथ ही तय तारीख पर लौटेगा। इस दौरान कोई भी खिलाड़ी जल्दी घर नहीं जा पाएगा। यह फैसला टीम बॉन्डिंग के लिए लिया गया है। गाइडलाइन नहीं मानने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
बोर्ड ने सभी खिलाड़ियों को दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं, नियमों का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। अगर कोई खिलाड़ी इसमें से किसी भी निर्देश का पालन नहीं कर पाता है, तो उसे चयन समिति के अध्यक्ष और मुख्य कोच से परमिशन लेनी होगी। कोई प्लेयर नियम तोड़ता है तो बोर्ड उसे टूर्नामेंट्स, सीरीज और यहां तक कि IPL में भी नहीं खेलने देगा। इसके अलावा बोर्ड खिलाड़ियों की सैलरी और उनका कॉन्ट्रैक्ट भी खत्म कर सकता है।

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